Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
कूलà¥à¤¹à¥‡ का दरà¥à¤¦ (Hip pain) और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ (Pregnancy)
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान हिप दरà¥à¤¦ कई महिलाओं को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। जबकि कà¥à¤› महिलाà¤à¤‚ बेचैनी को संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¥‡ में सकà¥à¤·à¤® होती हैं, तीन गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं में से à¤à¤• को कूलà¥à¤¹à¥‡ के दरà¥à¤¦ के कारण दिन में सोने या पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ करने में समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। जहां बचà¥à¤šà¤¾ आराम करता है, वहां गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में दरà¥à¤¦ होता है। सà¤à¥€ माताओं में कम से कम आधे हिसà¥à¤¸à¥‡ में कमर दरà¥à¤¦, कूलà¥à¤¹à¥‡ का दरà¥à¤¦ या पेलà¥à¤µà¤¿à¤• दरà¥à¤¦ होता है। जैसे-जैसे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ आगे बढ़ती है, ये दरà¥à¤¦ अधिक सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ हो जाते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कूलà¥à¤¹à¥‡ के दरà¥à¤¦ के कारण
बवासीर
पाइलà¥à¤¸ गà¥à¤¦à¤¾ या मलाशय में वैरिकाज़ नसों (बढ़े हà¥à¤ या सूजन वाली नसें) हैं। गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ कà¥à¤› कारणों से बवासीर से पीड़ित होती हैं पहली बार गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला में आसानी से कबà¥à¤œ बन जाती है। इस कारण से, आंत à¤à¥‹à¤œà¤¨ की पà¥à¤°à¤—ति को धीमा कर देता है ताकि बढ़ते बचà¥à¤šà¥‡ के लिठपोषक ततà¥à¤µ के हर संà¤à¤µ अणॠऔर पानी की पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• बूंद सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ हो सके और रकà¥à¤¤ परिसंचरण में वृदà¥à¤§à¤¿ हो सके।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान रकà¥à¤¤ की मातà¥à¤°à¤¾ काफी बढ़ जाती है। यह सà¥à¤µà¤šà¤¾à¤²à¤¿à¤¤ रूप से किसी à¤à¥€ समय रकà¥à¤¤ वाहिकाओं को पूरा करता है और हटाता है। आपकी पीठमें बहà¥à¤¤ सारी रकà¥à¤¤ वाहिकाà¤à¤‚ हैं। इससे बवासीर होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है। इसके अलावा, बढ़ता बचà¥à¤šà¤¾ और बढ़ता हà¥à¤† गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤¦à¤¾ और मलाशय पर अधिक दबाव डालता है, जिससे बवासीर होता है।
साइटिका (कटिसà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¥à¤¶à¥‚ल)
कटिसà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¥à¤¶à¥‚ल à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ बीमारी है जिसका दरà¥à¤¦ कमर से शà¥à¤°à¥‚ होता है और धीरे-धीरे पैरों से नीचे के पैरों तक जाता है, जो सहन करने योगà¥à¤¯ नहीं है। साइटिक तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा सबसे लंबी तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा है। यह कटिसà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¥à¤¶à¥‚ल का कारण बनता है जब कटिसà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¥à¤¶à¥‚ल में या उसके आसपास अधिक खिंचाव होता है। यह दरà¥à¤¦ कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ के पीछे और जांघ के पीछे से शà¥à¤°à¥‚ होता है, जिससे कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ की तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा को कटिसà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¥à¤¶à¥‚ल तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा को नà¥à¤•सान होता है और कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ होता है।
कटिसà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¥à¤¶à¥‚ल अकà¥à¤¸à¤° आपकी रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में à¤à¤• डिसà¥à¤• को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाता है, जो तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा के चारों ओर सूजन लाता है। यह अकà¥à¤¸à¤° à¤à¤¾à¤°à¥€ वसà¥à¤¤à¥à¤“ं को उठाने और à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ से टà¥à¤°à¤¿à¤—र करने से शà¥à¤°à¥‚ होता है जो आपके पूरे शरीर को कंपन करते हैं, जैसे कि ऑपरेटिंग मशीनरी। हालाà¤à¤•ि, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं में à¤à¤¸à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। लेकिन गलत मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में देर तक बैठने से गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में à¤à¥€ कटिसà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¥à¤¶à¥‚ल की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। इसके अलावा, जब बचà¥à¤šà¤¾ तीसरी तिमाही में अपनी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बदलता है, तो तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होती है और कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ होता है।
लेबर पेन
महिलाओं को विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ संकà¥à¤šà¤¨ का अनà¥à¤à¤µ होता है। कà¥à¤› को पेट में à¤à¤‚ठन होती है जो कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ तक बढ़ सकती है। किसी à¤à¥€ अवसर पर, यदि आपको संदेह है कि संकà¥à¤šà¤¨ से आपके कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ हो रहा है, तो तà¥à¤°à¤‚त अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
पेडू में दरà¥à¤¦ (पैलà¥à¤µà¤¿à¤• पेन)
यह सबसे आम कारण है जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ का कारण बनता है। हर पांच में से à¤à¤• गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को à¤à¤• पैलà¥à¤µà¤¿à¤• पेन का सामना करना पड़ता है। यह गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के बढ़ने पर योनि पर अतिरिकà¥à¤¤ दबाव के कारण होता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ से बचने के उपाय
बवासीर से बचने के उपाय किठजाने चाहिà¤à¥¤ इसके लिà¤, लंबे समय तक बैठने या खड़े होने से बचें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह आपकी गà¥à¤¦à¤¾ और मलाशय की नसों पर दबाव डालता है, जिससे बवासीर और कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ बढ़ जाता है।
खूब पानी पिà¤à¤‚ और फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार लें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह कबà¥à¤œ से बचाता है। और कबà¥à¤œ, बवासीर और कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ को बढ़ाता है।
सोते समय, अपने पेट के नीचे और अपने पैरों के बीच à¤à¤• तकिया रखें। इससे शरीर की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ सही रहती है, जिससे पेलà¥à¤µà¤¿à¤• और साइटिका नरà¥à¤µà¤¸ पर कम दबाब पड़ता है।
à¤à¤• पेलà¥à¤µà¤¿à¤• को सà¥â€à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿ करने वाली बेलà¥â€à¤Ÿ पहनें जिससे आपके पीठके नीचे के हिसà¥â€à¤¸à¥‡ पर पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° कम होगा और कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ कम हो जाता है।
किसी à¤à¥€ दरà¥à¤¦ से राहत पाने के लिठगà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी से नहाना सबसे अचà¥à¤›à¤¾ उपचार है।
आप अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछकर दरà¥à¤¦ निवारक दवाà¤à¤‚ à¤à¥€ ले सकती हैं।
à¤à¤¸à¥€ किसी à¤à¥€ à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ से बचें, जो दरà¥à¤¦ बढ़ाती है।
| --------------------------- | --------------------------- |